बांग्लादेश संकट: हिंसा की आग में झुलसा देश; भारत के साथ राजनयिक संबंध अब तक के सबसे निचले स्तर पर:
ढाका/नई दिल्ली: पड़ोसी देश बांग्लादेश इस समय अपने सबसे कठिन दौर से गुजर रहा है। छात्र नेता शरीफ उस्मान हादी की मौत के बाद पूरे देश में हिंसा का तांडव जारी है। इस अशांति के बीच भारत और बांग्लादेश के बीच राजनयिक संबंध गंभीर संकट में पड़ गए हैं, जिससे दक्षिण एशिया की भू-राजनीति में हलचल मच गई है।
🚨 मुख्य घटनाएं: एक नजर में—
1. राजनयिक संकट: वीजा सेवाएं निलंबित
भारत स्थित बांग्लादेश के राजनयिक मिशनों पर सुरक्षा खतरों के चलते ढाका ने कड़ा कदम उठाया है।
- वीजा सेवाओं पर रोक: नई दिल्ली स्थित बांग्लादेश उच्चायोग और अगरतला स्थित सहायक उच्चायोग ने सुरक्षा कारणों का हवाला देते हुए सभी वीजा और कांसुलर सेवाएं अनिश्चित काल के लिए बंद कर दी हैं।
- भारत में विरोध प्रदर्शन: कोलकाता में भाजपा और कांग्रेस के नेताओं ने बांग्लादेश में अल्पसंख्यकों पर हो रहे हमलों के विरोध में बांग्लादेशी उप-उच्चायोग के बाहर बड़े प्रदर्शन किए हैं।
- भारतीय छात्र संकट में: बांग्लादेश में फंसे भारतीय मेडिकल छात्रों की सुरक्षा को लेकर चिंताएं बढ़ गई हैं। ऑल इंडिया मेडिकल स्टूडेंट्स एसोसिएशन (AIMSA) ने प्रधानमंत्री मोदी से तत्काल हस्तक्षेप की अपील की है।
2. शरीफ उस्मान हादी (Sharif Osman Hadi) की मौत और हिंसा का तांडव
जुलाई आंदोलन के प्रमुख चेहरे और ‘इंकलाब मंच’ के संयोजक शरीफ उस्मान हादी की 18 दिसंबर को सिंगापुर के एक अस्पताल में मौत हो गई। उन पर 12 दिसंबर को ढाका में अज्ञात हमलावरों ने सिर में गोली मारी थी।
- मीडिया पर भीषण हमले: हादी की मौत की खबर फैलते ही उग्र भीड़ ने ढाका में ‘प्रथम आलो’ और ‘द डेली स्टार’ जैसे प्रतिष्ठित अखबारों के दफ्तरों को आग के हवाले कर दिया। पत्रकारों ने आरोप लगाया है कि हमलावरों ने उन्हें जिंदा जलाने की कोशिश की।
- सांस्कृतिक धरोहरों को नुकसान: ढाका की मशहूर सांस्कृतिक संस्था ‘छायानट’ पर भी हमला हुआ और वहां आगजनी की गई, जिसे बंगाली संस्कृति पर सीधा प्रहार माना जा रहा है।

3. राजनीतिक उथल-पुथल और चुनाव की घोषणा
मोहम्मद यूनुस के नेतृत्व वाली अंतरिम सरकार चौतरफा दबाव में है। एक तरफ कट्टरपंथी संगठन हादी की हत्या का बदला लेने की मांग कर रहे हैं, तो दूसरी तरफ अंतरराष्ट्रीय समुदाय मानवाधिकारों को लेकर सवाल उठा रहा है।
- चुनाव की तारीख: तनाव के बीच, मुख्य चुनाव आयुक्त एएमएम नासिरुद्दीन ने घोषणा की है कि बांग्लादेश में आम चुनाव 12 फरवरी 2026 को होंगे। नामांकन प्रक्रिया 29 दिसंबर से शुरू होने वाली है।
- अराजकता का आरोप: पूर्व प्रधानमंत्री शेख हसीना ने अपने निर्वासन से बयान जारी कर अंतरिम सरकार पर देश को ‘कानूनविहीन’ बनाने का आरोप लगाया है।
📊 स्थिति का संक्षिप्त विवरण
| क्षेत्र | वर्तमान स्थिति |
| राजनयिक संबंध | नई दिल्ली और अगरतला में वीजा सेवाएं ठप |
| सुरक्षा स्थिति | ढाका, खुलना और राजशाही में सेना तैनात; भारी तनाव |
| मीडिया की आजादी | मीडिया हाउसों पर हमले; अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता पर संकट |
| अगला बड़ा कदम | 12 फरवरी 2026 को आम चुनाव की तैयारी |
निष्कर्ष
बांग्लादेश की मौजूदा स्थिति न केवल उसके आंतरिक लोकतंत्र के लिए खतरा है, बल्कि भारत के साथ उसके द्विपक्षीय संबंधों को भी पटरी से उतार रही है। शरीफ उस्मान हादी की मौत ने आग में घी का काम किया है। अब पूरी दुनिया की नजरें मोहम्मद यूनुस सरकार पर हैं कि वे 2026 के चुनावों से पहले देश में शांति कैसे बहाल करते हैं।






