आधार कार्ड पर सरकार की बड़ी कार्रवाई: 2.5 करोड़ आधार हुए डीएक्टिवेट; क्या आपका आधार सुरक्षित है? जानें नए नियम

Aadhaar Card Deactivation Rules 2026

नई दिल्ली | 04 फरवरी 2026: भारत सरकार ने डिजिटल इंडिया को सुरक्षित बनाने की दिशा में एक बड़ा मील का पत्थर हासिल किया है। संसद के मौजूदा सत्र में सरकार ने आधिकारिक तौर पर घोषणा की है कि 2.5 करोड़ से अधिक आधार कार्ड को निष्क्रिय (Deactivate) कर दिया गया है। ये सभी आधार कार्ड उन व्यक्तियों के थे जिनकी मृत्यु हो चुकी है। इस कदम का मुख्य उद्देश्य पहचान की चोरी (Identity Theft) और वित्तीय धोखाधड़ी (Financial Fraud) को जड़ से खत्म करना है।

क्यों जरूरी था यह कदम? (The Need for Deactivation)

अब तक, किसी व्यक्ति की मृत्यु के बाद उसके आधार कार्ड का क्या किया जाए, इसे लेकर कोई स्पष्ट और स्वचालित (Automatic) प्रक्रिया नहीं थी। इससे कई प्रकार की समस्याएं पैदा हो रही थीं:

  1. पेंशन और सब्सिडी का दुरुपयोग: कई मामलों में देखा गया कि व्यक्ति की मृत्यु के बाद भी उनके आधार का उपयोग करके पेंशन और सरकारी योजनाओं का लाभ उठाया जा रहा था।
  2. फर्जी बैंक खाते: मृत व्यक्तियों के आधार के जरिए फर्जी केवाईसी (KYC) करवाकर बैंक खाते खोले जा रहे थे, जिनका उपयोग मनी लॉन्ड्रिंग के लिए किया जाता था।
  3. बेनामी संपत्ति: संपत्ति की रजिस्ट्री और अन्य कानूनी कार्यों में मृत व्यक्तियों की पहचान का गलत इस्तेमाल हो रहा था।

UIDAI का नया ‘डेथ सर्टिफिकेट लिंक’ सिस्टम

सरकार ने बताया कि अब UIDAI (भारतीय विशिष्ट पहचान प्राधिकरण) ने राज्यों के जन्म और मृत्यु पंजीकरण विभागों के साथ हाथ मिलाया है।

  • ऑटोमैटिक अपडेट: अब जैसे ही किसी व्यक्ति का ‘डेथ सर्टिफिकेट’ (Death Certificate) जारी होता है, उसका डेटा सीधे UIDAI के सर्वर पर अपडेट हो जाता है।
  • सत्यापन प्रक्रिया: डेटा मिलते ही संबंधित आधार कार्ड को ‘सस्पेंडेड’ श्रेणी में डाल दिया जाता है और परिवार के सत्यापन के बाद उसे स्थायी रूप से डीएक्टिवेट कर दिया जाता है।

प्रमुख आंकड़े: एक नज़र में

विवरणसंख्या (करोड़ में)
कुल डीएक्टिवेट किए गए आधार2.52 करोड़
मुख्य कारणमृत्यु के बाद डेटा अपडेशन
धोखाधड़ी के संदिग्ध मामले15 लाख (लगभग)
बायोमेट्रिक लॉक सुविधा का उपयोग40% वृद्धि (2025-26)

कैसे चेक करें अपना आधार स्टेटस? (Step-by-Step Guide)

सरकार की इस कार्रवाई के बीच यह सुनिश्चित करना जरूरी है कि आपका आधार कार्ड सक्रिय और सुरक्षित है। आप इन चरणों का पालन कर सकते हैं:

  1. UIDAI की आधिकारिक वेबसाइट myaadhaar.uidai.gov.in पर जाएं।
  2. ‘Check Aadhaar Validity’ सेक्शन पर क्लिक करें।
  3. अपना 12 अंकों का आधार नंबर और कैप्चा कोड दर्ज करें।
  4. यदि आपका आधार सक्रिय है, तो स्क्रीन पर ‘Aadhaar Exists’ लिखा आएगा।

महत्वपूर्ण टिप: अपने आधार को सुरक्षित रखने के लिए ‘mAadhaar’ ऐप का उपयोग करें और अपनी बायोमेट्रिक जानकारी को लॉक (Biometric Lock) करके रखें। इससे आपके फिंगरप्रिंट का कोई और दुरुपयोग नहीं कर पाएगा।

धोखाधड़ी से बचने के लिए सरकार की सलाह

आईटी मंत्रालय और UIDAI ने नागरिकों के लिए नई गाइडलाइंस जारी की हैं:

  • आधार फोटोकॉपी न दें: हर जगह आधार की फोटोकॉपी देने के बजाय ‘Masked Aadhaar’ (जिसमें केवल आखिरी 4 अंक दिखते हैं) का उपयोग करें।
  • OTP साझा न करें: आधार से जुड़ा ओटीपी कभी भी फोन या मैसेज पर किसी अनजान व्यक्ति को न दें।
  • नियमित अपडेट: यदि आपका आधार 10 साल पुराना हो गया है, तो अपनी फोटो और एड्रेस को अपडेट जरूर करवाएं।

निष्कर्ष: एक पारदर्शी भारत की ओर

2.5 करोड़ फर्जी या मृत आधार कार्डों को हटाना सरकार की “Zero Tolerance” नीति का हिस्सा है। इससे न केवल सरकारी खजाने की बचत होगी, बल्कि यह सुनिश्चित होगा कि योजनाओं का लाभ केवल पात्र और जीवित नागरिकों को ही मिले। आधार कार्ड का डीएक्टिवेट होना तकनीक के सही इस्तेमाल की एक बेहतरीन मिसाल है।


अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न (FAQs)

Q1. क्या मृत व्यक्ति का आधार कार्ड परिवार के काम आ सकता है?

नहीं, आधार कार्ड केवल जीवित व्यक्तियों की पहचान के लिए है। मृत्यु के बाद इसे डीएक्टिवेट करना कानूनी रूप से अनिवार्य है।

Q2. यदि किसी जीवित व्यक्ति का आधार गलती से डीएक्टिवेट हो जाए तो क्या करें?

घबराएं नहीं। आप नजदीकी आधार सेवा केंद्र (Aadhaar Seva Kendra) जाकर बायोमेट्रिक री-वेरिफिकेशन करवा सकते हैं। इसके बाद आपका आधार पुनः सक्रिय हो जाएगा।

Q3. आधार को सुरक्षित रखने का सबसे अच्छा तरीका क्या है?

अपने आधार को अपने मोबाइल नंबर से लिंक रखें और UIDAI की वेबसाइट पर जाकर ‘Biometric Lock’ फीचर का इस्तेमाल करें।