इस्लामाबाद मस्जिद ब्लास्ट: भारत ने दी कड़ी चेतावनी; कहा- “अपनी नाकामियों के लिए दूसरों को दोष देना बंद करे पाकिस्तान”

Islamabad Mosque Attack 2026 India Response

नई दिल्ली/इस्लामाबाद | 7 फरवरी 2026: पाकिस्तान की राजधानी इस्लामाबाद के तरलाई इलाके में स्थित खदीजतुल कुबरा इमामबाड़ा में शुक्रवार को हुए आत्मघाती हमले के बाद कूटनीतिक जंग शुरू हो गई है। जहाँ एक ओर भारत ने इस हमले की कड़ी निंदा करते हुए अपनी संवेदनाएं व्यक्त की हैं, वहीं दूसरी ओर पाकिस्तान द्वारा भारत पर लगाए गए “साजिश” के आरोपों को विदेश मंत्रालय (MEA) ने पूरी तरह खारिज कर दिया है।

भारत का आधिकारिक रुख: सहानुभूति और सख्त लहजा

भारतीय विदेश मंत्रालय ने शुक्रवार देर रात एक प्रेस विज्ञप्ति जारी कर अपना रुख स्पष्ट किया। बयान में कहा गया:

“आज सुबह इस्लामाबाद की एक मस्जिद में हुआ बम धमाका निंदनीय है। भारत इसमें हुई जानमाल की हानि पर गहरा दुख व्यक्त करता है। लेकिन यह बेहद दुर्भाग्यपूर्ण है कि पाकिस्तान अपनी आंतरिक समस्याओं और सामाजिक ताने-बाने की विफलता को स्वीकार करने के बजाय, दूसरों पर आरोप लगाकर खुद को भ्रमित (Delude) कर रहा है।”

भारत ने स्पष्ट शब्दों में कहा कि पाकिस्तान के आरोप जितने “आधारहीन” (Baseless) हैं, उतने ही “निरर्थक” (Pointless) भी हैं।

पाकिस्तान का ‘बिना सबूत’ आरोप: ख्वाजा आसिफ का दावा

धमाके के कुछ ही घंटों बाद, पाकिस्तान के रक्षा मंत्री ख्वाजा आसिफ ने बिना किसी पुख्ता सबूत के सोशल मीडिया (X) पर दावा किया कि हमले के पीछे भारत और अफगानिस्तान की मिलीभगत है। उन्होंने आरोप लगाया कि:

  • हमलावर ने अफगानिस्तान से सीमा पार की थी।
  • भारत ‘प्रॉक्सी’ संगठनों के जरिए पाकिस्तान को अस्थिर कर रहा है।

भारत का पलटवार: भारतीय विदेश मंत्रालय ने इसे पाकिस्तान की पुरानी रणनीति करार दिया, जिसमें वह अपनी सुरक्षा एजेंसियों की विफलता और “Home-grown Terror” (घरेलू आतंकवाद) से ध्यान भटकाने के लिए भारत का नाम घसीटता है।

घटना का सारांश: 31 मौतें और 170 घायल

शुक्रवार, 6 फरवरी 2026 को जुमे की नमाज के दौरान एक आत्मघाती हमलावर ने मस्जिद के प्रवेश द्वार पर खुद को उड़ा लिया था।

विवरणआंकड़े और जानकारी
हमले का स्थानखदीजतुल कुबरा मस्जिद, तरलाई, इस्लामाबाद
मृतकों की संख्या31 (पुष्टि की गई)
घायलों की संख्या169 से अधिक
संदिग्ध संगठनफिटना अल-ख्वारजी (TTP) या IS-K
विदेशी दौराउज्बेकिस्तान के राष्ट्रपति की पाकिस्तान यात्रा के दौरान हमला

क्या पाकिस्तान खुद को ‘धोखा’ दे रहा है?

भारतीय विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता ने अपने बयान में “Social Fabric” और “Home-grown Ills” जैसे कड़े शब्दों का प्रयोग किया। विशेषज्ञों का मानना है कि भारत यह संदेश देना चाहता है कि पाकिस्तान जब तक अपनी धरती पर फल-फूल रहे आतंकी संगठनों (जैसे TTP) के खिलाफ ठोस कार्रवाई नहीं करेगा, तब तक उसकी राजधानी भी सुरक्षित नहीं रहेगी।

कूटनीतिक प्रभाव: भारत-पाक संबंधों पर असर

यह घटनाक्रम ऐसे समय में आया है जब भारत और अमेरिका के बीच नए ट्रेड डील की चर्चाएं तेज हैं और पाकिस्तान अंतरराष्ट्रीय मंचों पर अलग-थलग पड़ता दिख रहा है। पाकिस्तान के इन आरोपों से द्विपक्षीय वार्ता की संभावनाओं को फिर से गहरा झटका लगा है।

निष्कर्ष: आतंकवाद पर ‘जीरो टॉलरेंस’

भारत ने एक बार फिर वैश्विक मंच पर यह साफ कर दिया है कि वह आतंकवाद के हर रूप की निंदा करता है, लेकिन झूठे आरोपों के जरिए उसे बदनाम करने की कोशिशों को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। इस्लामाबाद हमला पाकिस्तान के लिए एक “वेक-अप कॉल” होना चाहिए कि वह बाहरी दुश्मनों को ढूंढने के बजाय अपने घर के भीतर पनप रहे खतरों से निपटे।


अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न (FAQs)

Q1. भारत ने इस्लामाबाद हमले पर क्या कहा?

भारत ने हमले की निंदा की और जानमाल के नुकसान पर शोक जताया, लेकिन पाकिस्तान के आरोपों को “निराधार और निरर्थक” बताकर खारिज कर दिया।

Q2. पाकिस्तान के रक्षा मंत्री ने भारत पर क्या आरोप लगाए?

ख्वाजा आसिफ ने दावा किया कि हमले में भारत और अफगानिस्तान की मिलीभगत है, हालांकि उन्होंने इसके लिए कोई सबूत नहीं दिया।

Q3. इस्लामाबाद में यह हमला कहाँ हुआ था?

यह हमला तरलाई स्थित खदीजतुल कुबरा शिया मस्जिद और इमामबाड़े में हुआ था।