गोवा में ‘नो कंसेंट, नो सेल्फी’ नियम लागू: बिना इजाजत फोटो ली तो जाना होगा जेल, जानें पुलिस के नए सख्त नियम

Goa Police No Consent No Selfie rule awareness at beaches 2026

पणजी | 9 फरवरी 2026: अगर आप गोवा के खूबसूरत समुद्र तटों (Beaches) पर छुट्टियां मनाने की योजना बना रहे हैं, तो यह खबर आपके लिए बहुत महत्वपूर्ण है। गोवा पुलिस ने राज्य की छवि को सुधारने और महिला पर्यटकों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए ‘नो कंसेंट, नो सेल्फी’ (No Consent, No Selfie) अभियान को बेहद आक्रामक तरीके से लागू कर दिया है।

अब गोवा के बीचों पर किसी भी अनजान व्यक्ति, खासकर विदेशी पर्यटकों की उनकी मर्जी के बिना तस्वीर खींचना या उन्हें सेल्फी के लिए मजबूर करना कानूनी अपराध माना जाएगा।

1. क्या है ‘नो कंसेंट, नो सेल्फी’ नियम?

गोवा पुलिस के इस नए निर्देश के अनुसार, यदि कोई व्यक्ति किसी पर्यटक (चाहे वह भारतीय हो या विदेशी) की उसकी सहमति के बिना फोटो खींचता है या वीडियो बनाता है, तो पुलिस उसे तुरंत हिरासत में ले सकती है।

  • निवारक हिरासत (Preventive Detention): दोषी पाए जाने पर व्यक्ति को 24 घंटे तक पुलिस हिरासत में रखा जा सकता है।
  • बिना वारंट गिरफ्तारी: पुलिस ने स्पष्ट किया है कि ऐसे मामलों में भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता (BNSS) की धारा 170 के तहत बिना वारंट के भी गिरफ्तारी की जा सकती है।

2. पुलिस ने क्यों लिया यह कड़ा फैसला?

हाल के दिनों में उत्तरी गोवा के बागा (Baga), कलंगुट (Calangute) और अंजुना (Anjuna) जैसे लोकप्रिय बीचों से कई ऐसी शिकायतें आईं जहाँ घरेलू पर्यटक विदेशी महिलाओं को सेल्फी के लिए परेशान कर रहे थे।

  • वायरल वीडियो का असर: सोशल मीडिया पर कई ऐसे वीडियो वायरल हुए जिसमें पर्यटक जबरदस्ती विदेशी महिलाओं के साथ फोटो खिंचवाते और उन्हें असहज करते दिखे।
  • पर्यटन की छवि: गोवा सरकार का मानना है कि ऐसी घटनाओं से अंतरराष्ट्रीय स्तर पर गोवा की छवि खराब होती है, जिससे विदेशी पर्यटकों की संख्या में गिरावट आ सकती है।

3. हालिया कार्रवाई: तमिलनाडु और ओडिशा के पर्यटक हिरासत में

पुलिस ने इस नियम को कागजों से निकालकर धरातल पर उतारना शुरू कर दिया है:

  • बागा बीच मामला: पिछले शुक्रवार को तमिलनाडु के दो पर्यटकों को बागा बीच पर बिना अनुमति फोटो खींचने और महिलाओं को परेशान करने के आरोप में हिरासत में लिया गया।
  • वीडियो वायरल मामला: कलंगुट बीच पर एक महिला के तैरते समय उसका वीडियो बनाने और सोशल मीडिया पर डालने के आरोप में एक व्यक्ति पर FIR दर्ज की गई है।

4. पर्यटकों और स्थानीय लोगों के लिए गाइडलाइंस

गोवा पुलिस ने स्पष्ट किया है कि वे “स्ट्रीट फोटोग्राफी” या “लैंडस्केप” के खिलाफ नहीं हैं, लेकिन व्यक्तिगत निजता का उल्लंघन बर्दाश्त नहीं होगा।

क्या करें (DOs)क्या न करें (DON’Ts)
किसी की फोटो लेने से पहले मुस्कुराकर अनुमति मांगें।किसी अजनबी के पास जाकर सेल्फी के लिए दबाव न डालें।
यदि कोई मना कर दे, तो उनके फैसले का सम्मान करें।चोरी-छिपे किसी महिला या परिवार की फोटो न खींचें।
सार्वजनिक नज़ारों और प्रकृति की तस्वीरें बेझिझक लें।फोटो लेने के लिए किसी का रास्ता न रोकें या उन्हें छुएं नहीं।

5. निजता का अधिकार और नया कानून

यह कदम केवल एक पुलिस आदेश नहीं है, बल्कि यह निजता के मौलिक अधिकार (Right to Privacy) को सार्वजनिक स्थलों पर भी लागू करने की एक कोशिश है। साइबर विशेषज्ञों के अनुसार, बिना अनुमति ली गई फोटो का इस्तेमाल अक्सर ‘डीपफेक’ या ‘डिफेमेशन’ के लिए किया जाता है, जिसे रोकने के लिए यह कानून रामबाण साबित होगा।

निष्कर्ष: एक सुरक्षित गोवा की ओर कदम

गोवा हमेशा से अपनी स्वतंत्रता और संस्कृति के लिए जाना जाता रहा है। ‘नो कंसेंट, नो सेल्फी’ नियम किसी की आजादी छीनने के लिए नहीं, बल्कि दूसरों की गरिमा को सुरक्षित रखने के लिए है। एक जिम्मेदार पर्यटक बनें और गोवा की खूबसूरती का लुत्फ उठाते समय दूसरों की निजता का सम्मान करें।


अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न (FAQs)

Q1. क्या गोवा के बीच पर फोटो लेना पूरी तरह से बैन है?

जी नहीं, आप प्रकृति और अपनी फोटो ले सकते हैं। नियम केवल दूसरों की बिना अनुमति के फोटो लेने या उन्हें सेल्फी के लिए मजबूर करने पर लागू होता है।

Q2. क्या सोशल मीडिया इन्फ्लुएंसर्स पर भी यह नियम लागू है?

हाँ, यदि कोई इन्फ्लुएंसर अपने व्लॉग या रील के लिए किसी अनजान व्यक्ति को बिना उसकी अनुमति के फ्रेम में रखता है और वह व्यक्ति शिकायत करता है, तो कार्रवाई हो सकती है।

Q3. अगर कोई मुझे परेशान करे तो मैं कहाँ शिकायत करूँ?

आप तुरंत पास के टूरिस्ट पुलिस डेस्क पर जा सकते हैं या गोवा पुलिस के हेल्पलाइन नंबर 112 या टूरिज्म हेल्पलाइन 1364 पर कॉल कर सकते हैं।