ढाका | 9 फरवरी 2026: बांग्लादेश के इतिहास का सबसे महत्वपूर्ण और ‘ज़ी-जनरेशन’ (Gen Z) से प्रेरित माना जाने वाला चुनाव अब विवादों के घेरे में है। 12 फरवरी को होने वाले मतदान से महज तीन दिन पहले, देश के राजनीतिक गलियारों में दो मुख्य मुद्दों ने हलचल मचा दी है: पहला, चुनावी मैदान में उतरी महिला उम्मीदवारों का उत्पीड़न और दूसरा, प्रो. मुहम्मद यूनुस के नेतृत्व वाली अंतरिम सरकार द्वारा जल्दबाजी में लिए गए आर्थिक फैसले।
1. महिला उम्मीदवारों के लिए ‘खतरनाक’ बनी चुनावी रणभूमि
बांग्लादेश, जिसने दशकों तक महिला नेतृत्व (शेख हसीना और खालिदा ज़िया) देखा है, वहां आज महिला उम्मीदवारों की स्थिति चिंताजनक है।
- सुरक्षा का अभाव: ढाका और अन्य जिलों से रिपोर्ट आ रही है कि महिला उम्मीदवारों को न केवल शारीरिक हमलों, बल्कि डिजिटल स्पेस में ‘चरित्र हनन’ (Character Assassination) और साइबर बुलिंग का सामना करना पड़ रहा है।
- जमात-ए-इस्लामी की मांग: कट्टरपंथी पार्टी जमात-ए-इस्लामी ने चुनाव आयोग को पत्र लिखकर अपनी महिला कार्यकर्ताओं के लिए सुरक्षा की मांग की है। हालांकि, दिलचस्प बात यह है कि जमात और अन्य कट्टरपंथी दलों पर ही महिलाओं की राजनीतिक भागीदारी को हतोत्साहित करने के आरोप लग रहे हैं।
- प्रतिनिधित्व का संकट: 51 में से 30 राजनीतिक दलों ने एक भी महिला उम्मीदवार नहीं उतारा है। कुल उम्मीदवारों में महिलाओं की संख्या 5% से भी कम है, जो बांग्लादेश के लोकतांत्रिक इतिहास में एक बड़ा पीछे हटने वाला कदम (Regressive Step) माना जा रहा है।
2. अंतरिम सरकार पर ‘आर्थिक उल्लंघन’ के आरोप
प्रो. मुहम्मद यूनुस की सरकार, जिसे केवल चुनाव कराने के लिए स्थापित किया गया था, अब अपने आर्थिक फैसलों के कारण निशाने पर है।
- रनिंग कॉन्ट्रैक्ट्स का विवाद: विश्लेषकों और अर्थशास्त्रियों ने सरकार की आलोचना की है कि वह चुनाव से ऐन पहले 14 बोइंग विमानों की खरीद और चीन-यूके के साथ अरबों टका के जहाज सौदों जैसे हाई-वैल्यू कॉन्ट्रैक्ट्स को अंतिम रूप दे रही है।
- आने वाली सरकार के लिए मुश्किल: विशेषज्ञों का कहना है कि एक अंतरिम सरकार को केवल नियमित कामकाज तक सीमित रहना चाहिए। इतने बड़े वित्तीय बोझ डालने वाले फैसले आने वाली निर्वाचित सरकार के हाथ बांध देंगे, खासकर जब देश पहले से ही उच्च मुद्रास्फीति (Inflation) और विदेशी मुद्रा भंडार की कमी से जूझ रहा है।
- पारदर्शिता की कमी: सेंटर फॉर पॉलिसी डायलॉग (CPD) ने इन सौदों को ‘नैतिक रूप से गलत’ और ‘सिद्धांतों का उल्लंघन’ बताया है।
3. ‘Gen Z’ का प्रभाव और हिंसा का डर
2024 के छात्र आंदोलन से उपजी नई राजनीतिक चेतना इस बार के चुनाव में निर्णायक भूमिका निभाएगी।
- युवा मतदाता: देश की करीब एक-चौथाई आबादी (30 साल से कम) पहली बार अपने मताधिकार का प्रयोग करेगी। उनकी मुख्य चिंताएं नौकरी, भ्रष्टाचार का खात्मा और अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता हैं।
- अल्पसंख्यकों की सुरक्षा: चुनाव से पहले हिंदू और अन्य अल्पसंख्यक समुदायों के खिलाफ हिंसा की 2,000 से अधिक घटनाएं दर्ज की गई हैं, जिससे अंतरराष्ट्रीय मानवाधिकार संगठन भी चिंतित हैं।
बांग्लादेश चुनाव 2026 की वर्तमान स्थिति
| मुख्य विवरण | जानकारी |
| मतदान की तारीख | 12 फरवरी 2026 |
| कुल उम्मीदवार | लगभग 2,000 |
| मुख्य दल | BNP, जमात-ए-इस्लामी, नेशनल सिटीजन पार्टी (NCP) |
| मुख्य विवाद | महिला सुरक्षा, हाई-वैल्यू सौदे, अल्पसंख्यक हिंसा |
निष्कर्ष: लोकतंत्र की अग्निपरीक्षा
12 फरवरी का चुनाव बांग्लादेश के लिए केवल सरकार चुनने का माध्यम नहीं है, बल्कि यह उसके भविष्य के स्वरूप का फैसला करेगा। क्या देश एक समावेशी लोकतंत्र बनेगा या कट्टरपंथ और आर्थिक अस्थिरता के जाल में फंस जाएगा? यह सब चुनाव आयोग की निष्पक्षता और सुरक्षा व्यवस्था पर निर्भर करेगा।
अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न (FAQs)
Q1. क्या शेख हसीना की पार्टी आवामी लीग चुनाव लड़ रही है?
नहीं, आवामी लीग को चुनावी प्रक्रिया से प्रतिबंधित कर दिया गया है, जिसके कारण यह दशकों बाद पहला ‘आवामी लीग मुक्त’ चुनाव है।
Q2. अंतरिम सरकार पर कौन से कॉन्ट्रैक्ट्स को लेकर सवाल उठ रहे हैं?
मुख्य रूप से बोइंग विमानों की खरीद, चीन और यूके से समुद्री जहाजों के सौदे और ऊर्जा क्षेत्र से जुड़े अरबों टका के अनुबंधों पर सवाल उठाए जा रहे हैं।
Q3. महिलाओं के लिए चुनाव में कितनी सीटें आरक्षित हैं?
संसद की 350 सीटों में से 300 पर सीधे चुनाव होते हैं, जबकि 50 सीटें महिलाओं के लिए आरक्षित हैं, जो पार्टियों के प्रदर्शन के आधार पर बाद में चुनी जाती हैं।






