नई दिल्ली | 12 फरवरी 2026: आज भारत की रफ्तार पर ‘ब्रेक’ लग सकता है। देश के 10 प्रमुख केंद्रीय ट्रेड यूनियनों और संयुक्त किसान मोर्चा (SKM) ने मिलकर ‘भारत बंद’ का ऐलान किया है। दावा किया जा रहा है कि इस हड़ताल में लगभग 30 करोड़ कर्मचारी हिस्सा ले रहे हैं। ओडिशा और केरल जैसे राज्यों में इसका असर सुबह से ही दिखने लगा है, जहाँ सार्वजनिक परिवहन के पहिए थम गए हैं।
1. क्यों हो रहा है ‘भारत बंद’? (मुख्य मांगें)
आंदोलनकारियों का गुस्सा मुख्य रूप से केंद्र सरकार की दो बड़ी नीतियों पर है:
- चार नए लेबर कोड (Labor Codes): प्रदर्शनकारियों का आरोप है कि 29 पुराने कानूनों को खत्म कर बनाए गए 4 नए कोड श्रमिकों के अधिकारों को कमजोर करते हैं। इससे कंपनियों के लिए कर्मचारियों को ‘हायर एंड फायर’ (निकालना) आसान हो जाएगा।
- भारत-अमेरिका ट्रेड डील (India-US Trade Deal): किसानों का मानना है कि अमेरिका के साथ होने वाली अंतरिम ट्रेड डील भारतीय कृषि के लिए “सरेंडर” जैसा है। उन्हें डर है कि सस्ते अमेरिकी कृषि उत्पाद (जैसे बादाम, अखरोट और डेयरी) भारतीय बाजारों में आने से स्थानीय किसानों की कमाई खत्म हो जाएगी।
- अन्य मांगें: मनरेगा (MGNREGA) के पुराने स्वरूप की बहाली, बिजली संशोधन विधेयक की वापसी और पुरानी पेंशन योजना (OPS) को फिर से लागू करना।
2. आपके शहर पर क्या होगा असर? (State-wise Impact)
हड़ताल का प्रभाव अलग-अलग राज्यों में अलग-अलग देखा जा रहा है:
| राज्य/क्षेत्र | असर की स्थिति | क्या प्रभावित होगा? |
| केरल और ओडिशा | पूर्ण असर | बस, ऑटो, टैक्सी और दुकानें पूरी तरह बंद रहने के आसार। |
| पंजाब और हरियाणा | मध्यम से तेज | हाईवे पर ‘चक्का जाम’ और मंडियों में कामकाज ठप। |
| पश्चिम बंगाल | आंशिक असर | सरकारी बसें चल रही हैं, लेकिन बैंक और बीमा दफ्तर प्रभावित। |
| दिल्ली-NCR | हल्का असर | मेट्रो और निजी वाहन सामान्य, लेकिन औद्योगिक क्षेत्रों में विरोध प्रदर्शन। |
3. बैंकिंग और परिवहन: क्या खुला है और क्या बंद?
- बैंक: बैंक यूनियनों (AIBEA, BEFI) के समर्थन के कारण सरकारी बैंकों में चेक क्लियरिंग और कैश लेनदेन प्रभावित हो सकता है। हालांकि, ऑनलाइन बैंकिंग और ATMs चालू रहेंगे।
- परिवहन: रोडवेज बसें और यूनियन से जुड़े ट्रक ड्राइवरों की हड़ताल के कारण अंतर-राज्यीय यात्रा में देरी हो सकती है। रेलवे और एयरपोर्ट सेवाएं सामान्य हैं, लेकिन स्टेशन तक पहुंचने में दिक्कत आ सकती है।
- जरूरी सेवाएं: अस्पताल, एम्बुलेंस, दवा की दुकानें, दूध की सप्लाई और बिजली-पानी जैसी आपातकालीन सेवाओं को बंद से मुक्त रखा गया है।
विशेष नोट: “भारत बंद” के दौरान यात्रा करने से पहले स्थानीय ट्रैफिक एडवायजरी जरूर चेक करें। प्रदर्शनकारियों ने 600 से अधिक जिलों में रैलियों की योजना बनाई है।
4. राजनीति की बिसात: राहुल गांधी और विपक्ष का समर्थन
विपक्ष ने इस बंद को हाथों-हाथ लिया है। कांग्रेस नेता राहुल गांधी और मल्लिकार्जुन खड़गे ने आरोप लगाया है कि सरकार “कॉर्पोरेट हितों” के लिए किसानों और मजदूरों की आवाज दबा रही है। खड़गे ने इसे ‘ट्रैप डील’ (Trap Deal) करार देते हुए कहा कि सरकार विदेशी दबाव में आकर भारतीय बाजारों को अमेरिकन कंपनियों के लिए खोल रही है।
5. सरकार का बचाव: क्या है असली हकीकत?
दूसरी ओर, वाणिज्य मंत्री पीयूष गोयल ने स्पष्ट किया है कि अमेरिका के साथ हुई डील में डेयरी और संवेदनशील कृषि क्षेत्रों को पूरी तरह सुरक्षित रखा गया है। सरकार का तर्क है कि नए लेबर कोड ‘ईज ऑफ डूइंग बिजनेस’ को बढ़ावा देंगे और अनौपचारिक क्षेत्र के श्रमिकों को भी सामाजिक सुरक्षा (PF/ESI) के दायरे में लाएंगे।
निष्कर्ष: समाधान या लंबा संघर्ष?
आज का भारत बंद केवल एक दिन की हड़ताल नहीं है, बल्कि 2026 के आगामी चुनावों से पहले एक ‘शक्ति प्रदर्शन’ है। यदि सरकार और यूनियनों के बीच बातचीत नहीं बनती, तो आने वाले दिनों में यह आंदोलन और उग्र हो सकता है।
अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न (FAQs)
Q1. क्या आज स्कूल और कॉलेज बंद रहेंगे?
सरकार ने कोई आधिकारिक छुट्टी घोषित नहीं की है, लेकिन परिवहन बाधित होने की स्थिति में केरल और ओडिशा जैसे राज्यों में स्थानीय प्रशासन ने स्कूल बंद रखने का निर्णय लिया है।
Q2. क्या निजी गाड़ियाँ सड़कों पर चल सकती हैं?
हाँ, निजी वाहनों पर कोई पाबंदी नहीं है, लेकिन हाईवे और मुख्य चौराहों पर ‘चक्का जाम’ के कारण आपको जाम का सामना करना पड़ सकता है।
Q3. लेबर कोड से श्रमिकों को क्या डर है?
श्रमिकों का मुख्य डर यह है कि नए कानूनों के तहत 300 से कम कर्मचारियों वाली कंपनियां बिना सरकारी मंजूरी के छंटनी कर सकेंगी, जिससे उनकी नौकरी की सुरक्षा खत्म हो जाएगी।








