Toronto-Global News: आज, 14 फरवरी 2026 को पूरी दुनिया ईरान के लोगों के साथ एकजुटता दिखाने के लिए सड़कों पर है। निर्वासित ईरानी क्राउन प्रिंस रेज़ा पहलवी (Reza Pahlavi) के आह्वान पर आज “ग्लोबल डे ऑफ एक्शन” (Global Day of Action) मनाया जा रहा है। इसका उद्देश्य ईरान में चल रही “शेर और सूरज क्रांति” (Lion and Sun Revolution) को अंतरराष्ट्रीय समर्थन दिलाना और वहां की दमनकारी सत्ता के खिलाफ वैश्विक दबाव बनाना है।
इस वैश्विक आंदोलन का सबसे बड़ा केंद्र कनाडा का टोरंटो शहर बना है, जहाँ पुलिस के अनुमान के मुताबिक 2,00,000 से अधिक प्रदर्शनकारी सड़कों पर उतर रहे हैं।
टोरंटो में ऐतिहासिक मार्च: योंग स्ट्रीट पर ‘लाल-सफेद-हरा’ समंदर
टोरंटो पुलिस (Toronto Police) ने शनिवार को होने वाले इस विशाल मार्च के लिए ‘बेहद गंभीर’ ट्रैफिक चेतावनी जारी की है। प्रदर्शनकारी टोरंटो के योंग स्ट्रीट (Yonge Street) और स्टील्स एवेन्यू (Steeles Avenue) से अपना 3.8 किलोमीटर लंबा मार्च शुरू कर चुके हैं, जो योंग स्ट्रीट से होते हुए नॉर्थ यॉर्क बुलेवार्ड (North York Boulevard) तक जाएगा।
रोड क्लोजर और ट्रैफिक अपडेट (Toronto Road Closures):
- योंग स्ट्रीट (Yonge Street): स्टील्स एवेन्यू से नॉर्थ यॉर्क बुलेवार्ड तक सुबह 11 बजे से शाम 5 बजे तक पूरी तरह बंद है।
- TTC बस सेवाएं: बस रूट 97 में बड़े बदलाव किए गए हैं।
- मेट्रो स्टेशन: नॉर्थ यॉर्क सेंटर स्टेशन पर भीड़ के कारण एक्सेस सीमित कर दिया गया है।
टोरंटो पुलिस के अनुसार, यह प्रदर्शन शहर के इतिहास के सबसे बड़े मार्चों में से एक है, जिसमें न केवल ईरानी समुदाय बल्कि मानवाधिकार कार्यकर्ता और स्थानीय नागरिक भी भारी संख्या में शामिल हैं।
क्या है “शेर और सूरज क्रांति” (Lion and Sun Revolution)?
ईरान में चल रहे वर्तमान विद्रोह को “शेर और सूरज क्रांति” का नाम दिया गया है। ‘शेर और सूरज’ (Lion and Sun) ईरान का ऐतिहासिक राष्ट्रीय प्रतीक है, जो 1979 की इस्लामी क्रांति से पहले वहां के राष्ट्रीय ध्वज पर हुआ करता था। प्रदर्शनकारी इस प्रतीक का उपयोग वर्तमान शासन को अवैध घोषित करने और ईरान की राष्ट्रीय संप्रभुता को पुनः प्राप्त करने के प्रतीक के रूप में कर रहे हैं।
क्राउन प्रिंस रेज़ा पहलवी की 6 मुख्य मांगें:
इस आंदोलन के नेतृत्वकर्ता प्रिंस पहलवी ने अंतरराष्ट्रीय समुदाय के सामने 6 प्रमुख मांगें रखी हैं:
- IRGC को आतंकी संगठन घोषित करना: इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स (IRGC) के कमांड-एंड-कंट्रोल को खत्म करना।
- आर्थिक प्रतिबंध: सत्ता की संपत्ति को फ्रीज करना और तेल चोरी के नेटवर्क को ध्वस्त करना।
- इंटरनेट की स्वतंत्रता: ईरान के भीतर इंटरनेट शटडाउन को रोकना ताकि लोग अपनी आवाज़ दुनिया तक पहुँचा सकें।
- राजनयिक बहिष्कार: ईरानी राजदूतों को निष्कासित करना और अपराधियों पर मुकदमा चलाना।
- राजनीतिक कैदियों की रिहाई: जेलों में बंद निर्दोष लोगों और विदेशी बंधकों को तुरंत आज़ाद करना।
- अंतरिम सरकार को मान्यता: ईरान को लोकतंत्र की ओर ले जाने के लिए एक वैध अंतरिम सरकार को मान्यता देना।
दुनिया के अन्य शहरों में भी गूँज (Global Context)
केवल टोरंटो ही नहीं, बल्कि म्यूनिख (Munich) और लॉस एंजिल्स (Los Angeles) जैसे प्रमुख शहरों में भी आज लाखों लोग सड़कों पर हैं।
- म्यूनिख: म्यूनिख सुरक्षा सम्मेलन (Munich Security Conference) के दौरान वहां हजारों ईरानी समर्थक जुटे हैं ताकि विश्व नेताओं का ध्यान अपनी ओर खींच सकें।
- लॉस एंजिल्स: अमेरिका में ईरानी प्रवासियों का सबसे बड़ा गढ़ होने के नाते यहाँ ‘फ्री ईरान’ के नारे गूँज रहे हैं।
ईरान के भीतर की स्थिति: इंटरनेट शटडाउन और दमन
रिपोर्ट्स के अनुसार, ईरान के भीतर पिछले 3 हफ्तों से इंटरनेट पूरी तरह बंद है। वहां की सरकार ने विरोध की आवाज़ दबाने के लिए क्रूर हिंसा का सहारा लिया है। मानवाधिकार संगठनों (NGOs) का दावा है कि हाल के हफ्तों में हजारों बेगुनाह लोग मारे गए हैं। आज का यह वैश्विक प्रदर्शन उसी “शांतिपूर्ण संघर्ष” को वैश्विक मंच पर न्याय दिलाने की एक कोशिश है।
निष्कर्ष: 2026 में ईरान के लिए नई उम्मीद?
आज का “ग्लोबल डे ऑफ एक्शन” यह साबित करता है कि ईरान का संघर्ष अब केवल सरहदों के भीतर तक सीमित नहीं है। टोरंटो की सड़कों पर उमड़ा 2 लाख लोगों का हुजूम अंतरराष्ट्रीय सरकारों के लिए एक संदेश है कि “डर का दौर खत्म हो चुका है।”
शेर और सूरज की यह क्रांति क्या ईरान में लोकतंत्र की बहाली करेगी? यह आने वाला समय ही बताएगा।
अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न (FAQs)
Q1. ‘Lion and Sun’ प्रतीक का क्या महत्व है?
यह ईरान का ऐतिहासिक राष्ट्रीय प्रतीक है जो ताकत, साहस और प्राचीन गौरव का प्रतिनिधित्व करता है। इसे 1979 की क्रांति के बाद हटा दिया गया था।
Q2. टोरंटो रैली में कुल कितने लोग शामिल हुए?
आयोजकों और पुलिस के प्रारंभिक अनुमान के अनुसार, संख्या 2,00,000 को पार कर गई है।
Q3. प्रदर्शनकारी क्या मांग रहे हैं?
मुख्य रूप से ईरान में शासन परिवर्तन, राजनीतिक कैदियों की रिहाई और IRGC पर प्रतिबंध।








