नई दिल्ली | 15 फरवरी 2026: कल यानी 16 फरवरी से दिल्ली का भारत मंडपम दुनिया की सबसे आधुनिक तकनीक ‘आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस’ के महाकुंभ का केंद्र बनने जा रहा है। “India–AI Impact Summit 2026” न केवल भारत का, बल्कि ग्लोबल साउथ का पहला ऐसा शिखर सम्मेलन है, जहाँ दुनिया के सबसे शक्तिशाली नेता और टेक टाइटन्स एक साथ बैठकर एआई के भविष्य की दिशा तय करेंगे।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की पहल पर आयोजित इस समिट में फ्रांस के राष्ट्रपति इमानुएल मैक्रों, ब्राजील के राष्ट्रपति लूला डी सिल्वा, और स्पेन के राष्ट्रपति पेड्रो सांचेज़ सहित 20 से अधिक देशों के राष्ट्राध्यक्ष शिरकत कर रहे हैं।
तीन सूत्र और सात चक्र: समिट का अनोखा ढांचा
भारत ने इस समिट को पारंपरिक सम्मेलनों से अलग एक भारतीय दर्शन का स्वरूप दिया है। यह पूरा शिखर सम्मेलन 3 सूत्रों पर आधारित है:
- People (लोग): एआई का उपयोग आम आदमी के जीवन को सुगम बनाने के लिए।
- Planet (ग्रह): जलवायु परिवर्तन और पर्यावरण संरक्षण में एआई की भूमिका।
- Progress (प्रगति): समावेशी आर्थिक विकास के लिए तकनीक का विस्तार।
इन सूत्रों को जमीन पर उतारने के लिए सम्मेलन को ‘सात चक्रों’ में विभाजित किया गया है, जिसमें स्किलिंग, सामाजिक समावेश, एआई सुरक्षा, और किफायती कंप्यूटिंग जैसे महत्वपूर्ण विषयों पर 700 से अधिक सत्र आयोजित होंगे।
दिग्गज टेक लीडर्स का जमावड़ा: दिल्ली में ‘सिलिकॉन वैली’
इस समिट की भव्यता का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि दुनिया की सबसे बड़ी कंपनियों के सीईओ भारत पहुंच रहे हैं:
- सुंदर पिचाई (Google): भारत में एआई शिक्षा और क्लाउड इंफ्रास्ट्रक्चर पर बड़ी घोषणाएं संभव।
- सैम ऑल्टमैन (OpenAI): चैटजीपीटी के भविष्य और भारतीय भाषाओं के लिए एआई मॉडल पर चर्चा।
- जेन्सेन हुआंग (NVIDIA): भारत में सेमीकंडक्टर और एआई चिप्स के उत्पादन पर फोकस।
- सत्य नडेला और बिल गेट्स: माइक्रोसॉफ्ट के सामाजिक प्रोजेक्ट्स और एआई गवर्नेंस पर विचार।
मजेदार तथ्य: समिट के दौरान दिल्ली के पांच सितारा होटलों की डिमांड इतनी बढ़ गई है कि कुछ लग्जरी सूट्स का किराया ₹25 लाख प्रति रात तक पहुंच गया है!
AI Impact Expo: एआई का सजीव प्रदर्शन
समिट के साथ-साथ 70,000 वर्ग मीटर में फैला एक विशाल एआई एक्सपो भी आयोजित किया जा रहा है।
- 600+ स्टार्टअप्स: भारतीय स्टार्टअप्स खेती, स्वास्थ्य और शिक्षा में एआई के जादू का लाइव डेमो देंगे।
- 12 स्वदेशी एआई मॉडल: भारत सरकार 12 ऐसे एआई मॉडल लॉन्च कर रही है जो विशेष रूप से भारतीय भाषाओं और डेटा पर प्रशिक्षित हैं।
- YUVAi चैलेंज: 13-21 साल के युवाओं द्वारा बनाए गए इनोवेटिव एआई टूल्स को दुनिया के सामने पेश किया जाएगा।
समिट का 5 दिवसीय एजेंडा: एक नजर में
| तिथि | मुख्य कार्यक्रम | फोकस |
| 16 फरवरी | उद्घाटन और एक्सपो | राष्ट्रीय प्राथमिकताएं और एआई विजन। |
| 17 फरवरी | नॉलेज कंपेंडियम लॉन्च | स्वास्थ्य, शिक्षा और कृषि में एआई के सफल केस स्टडीज। |
| 18 फरवरी | रिसर्च सिम्पोजियम | अत्याधुनिक रिसर्च और भविष्य की कार्यप्रणाली। |
| 19 फरवरी | पीएम मोदी का संबोधन | ग्लोबल लीडर्स और सीईओ के साथ राउंडटेबल मीटिंग। |
| 20 फरवरी | GPAI काउंसिल मीटिंग | एआई गवर्नेंस के लिए ‘लीडर्स डिक्लेरेशन’ को अपनाना। |
भारत के लिए क्यों जरूरी है यह समिट?
विशेषज्ञों के अनुसार, 2027 तक भारत का एआई बाजार $17 बिलियन को पार कर सकता है। भारत के पास दुनिया का दूसरा सबसे बड़ा एआई वर्कफोर्स है। इस समिट के जरिए सरकार $100 बिलियन के निवेश का लक्ष्य लेकर चल रही है, जो सेमीकंडक्टर, एआई इंफ्रास्ट्रक्चर और ऊर्जा क्षेत्र में आएगा।
यह सम्मेलन भारत को केवल तकनीक का ‘उपभोक्ता’ नहीं, बल्कि ‘निर्माता’ (Creator) के रूप में स्थापित करेगा। ‘ग्लोबल साउथ’ के देशों के लिए भारत एक ऐसे एआई मॉडल की पैरवी कर रहा है जो सस्ता, पारदर्शी और मानवीय मूल्यों पर आधारित हो।
निष्कर्ष: समाधान या नई शुरुआत?
AI Impact Summit 2026 केवल भाषणों तक सीमित नहीं है; यह तकनीक के लोकतंत्रीकरण की एक नई शुरुआत है। जहाँ दुनिया एआई के खतरों से डरी हुई है, वहीं भारत “Safe and Trusted AI” का मंत्र लेकर नेतृत्व कर रहा है।
अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न (FAQs)
Q1. AI Impact Summit 2026 कहाँ आयोजित हो रहा है?
यह शिखर सम्मेलन नई दिल्ली के भारत मंडपम में 16 से 20 फरवरी 2026 तक आयोजित किया जा रहा है।
Q2. इस समिट के ‘तीन सूत्र’ क्या हैं?
समिट के तीन मुख्य स्तंभ People (लोग), Planet (ग्रह) और Progress (प्रगति) हैं।
Q3. क्या आम जनता एक्सपो देख सकती है?
जी हाँ, एक्सपो में 2.5 लाख से अधिक आगंतुकों के आने की उम्मीद है। इसके लिए आधिकारिक वेबसाइट पर पंजीकरण (Registration) अनिवार्य है।
Q4. क्या सैम ऑल्टमैन और सुंदर पिचाई आ रहे हैं?
हाँ, दोनों ने इस समिट में अपनी भागीदारी की पुष्टि की है और वे एआई के वैश्विक मानकों पर अपने विचार साझा करेंगे।








