नई दिल्ली | 9 फरवरी 2026: देश की राजधानी दिल्ली एक बार फिर अज्ञात कॉल्स और ईमेल के जरिए दी गई ‘बम की धमकी’ से दहल उठी है। सोमवार की सुबह, जब छात्र अपनी कक्षाओं में पढ़ाई कर रहे थे, तभी दिल्ली के कम से कम 9 प्रमुख स्कूलों को बम से उड़ाने की धमकी मिली। इस खबर के फैलते ही पूरे शहर में हड़कंप मच गया और आनन-फानन में हजारों छात्रों को सुरक्षित बाहर निकाला गया।
घटनाक्रम: सुबह 8:30 बजे से शुरू हुई दहशत
दिल्ली पुलिस के अनुसार, पहली कॉल सुबह करीब 8:30 बजे मिली। इसके बाद एक के बाद एक अलग-अलग थानों में स्कूलों द्वारा बम की सूचना दी गई।
- प्रमुख स्कूल: प्रभावित स्कूलों में द्वारका, आर.के. पुरम, साकेत और मयूर विहार के नामी स्कूल शामिल हैं।
- पुलिस की कार्रवाई: सूचना मिलते ही दिल्ली पुलिस, बम निरोधक दस्ता (BDT) और डॉग स्क्वायड की टीमें मौके पर पहुंच गईं।
- निकासी (Evacuation): प्रोटोकॉल का पालन करते हुए स्कूलों ने तुरंत ‘पैनिक बटन’ दबाया और छात्रों को खेल के मैदान या सुरक्षित स्थानों पर इकट्ठा कर घर भेजा गया।
दिल्ली पुलिस का बयान: “घबराने की जरूरत नहीं”
दिल्ली पुलिस के वरिष्ठ अधिकारियों ने मीडिया को संबोधित करते हुए कहा कि शुरुआती जांच में ये सभी कॉल्स ‘होक्स’ (Hoax) या अफवाह लग रही हैं।
“हमने सभी स्कूलों की गहनता से तलाशी ली है। अब तक किसी भी संदिग्ध वस्तु की बरामदगी नहीं हुई है। हम कॉल और ईमेल के सोर्स (IP Address) को ट्रैक कर रहे हैं। हम अभिभावकों से अपील करते हैं कि वे अफवाहों पर ध्यान न दें और शांति बनाए रखें।” – दिल्ली पुलिस प्रवक्ता
क्यों बार-बार निशाने पर हैं दिल्ली के स्कूल?
पिछले दो वर्षों में दिल्ली-एनसीआर के स्कूलों को ऐसी धमकी मिलना एक गंभीर पैटर्न बन गया है। साइबर विशेषज्ञों का मानना है कि इसके पीछे कई कारण हो सकते हैं:
- साइबर टेररिज्म: देश की राजधानी में डर का माहौल पैदा करना।
- फेक प्रॉक्सी कॉल्स: डार्क वेब के जरिए ऐसी कॉल्स की जाती हैं जिन्हें ट्रैक करना मुश्किल होता है।
- शरारत: कुछ मामलों में असामाजिक तत्वों या छात्रों द्वारा परीक्षाओं को टालने के लिए भी ऐसी हरकतें की गई हैं (हालांकि इस मामले में जांच जारी है)।
अभिभावकों के लिए सुरक्षा और प्रोटोकॉल गाइड
ऐसी स्थिति में माता-पिता का घबराना स्वाभाविक है, लेकिन विशेषज्ञों के अनुसार, संयम ही सबसे बड़ी सुरक्षा है:
- आधिकारिक सूचना का इंतजार करें: स्कूल के आधिकारिक व्हाट्सएप ग्रुप या ईमेल का ही भरोसा करें। सोशल मीडिया पर चल रही हर खबर सच नहीं होती।
- स्कूल परिसर में भीड़ न लगाएं: जब पुलिस सर्च ऑपरेशन चला रही हो, तो स्कूल के गेट पर भीड़ लगाने से बचाव कार्य में बाधा आती है।
- बच्चों से बात करें: अपने बच्चों को समझाएं कि ‘इवेकुएशन ड्रिल’ क्या होती है ताकि वे ऐसी स्थिति में घबराएं नहीं।
दिल्ली सरकार और शिक्षा मंत्रालय का रुख
दिल्ली की शिक्षा मंत्री ने इस घटना पर कड़ी प्रतिक्रिया देते हुए कहा है कि स्कूलों की सुरक्षा से कोई समझौता नहीं किया जाएगा। सरकार अब स्कूलों में ‘एआई-बेस्ड सर्विलांस’ और ‘विजिटर मैनेजमेंट सिस्टम’ को अनिवार्य करने पर विचार कर रही है।
| महत्वपूर्ण जानकारी | विवरण |
| कुल प्रभावित स्कूल | 9 (पुष्टि की गई) |
| सर्च ऑपरेशन की स्थिति | जारी (अधिकांश क्षेत्रों में क्लीन चिट) |
| हेल्पलाइन नंबर | 112 (दिल्ली पुलिस) |
| जांच एजेंसी | दिल्ली पुलिस स्पेशल सेल और साइबर यूनिट |
निष्कर्ष: सतर्कता ही बचाव है
9 फरवरी 2026 की यह घटना एक बार फिर याद दिलाती है कि डिजिटल युग में सुरक्षा की चुनौतियां बदल गई हैं। हालांकि अब तक कुछ भी संदिग्ध नहीं मिला है, लेकिन प्रशासन की मुस्तैदी और जनता का सहयोग ही ऐसी ‘होक्स कॉल्स’ के पीछे छिपे मंसूबों को नाकाम कर सकता है। दिल्ली के स्कूलों में अब सामान्य स्थिति बहाल हो रही है, लेकिन पुलिस अगले 24 घंटों तक हाई अलर्ट पर रहेगी।
अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न (FAQs)
Q1. दिल्ली के किन-किन इलाकों के स्कूलों में धमकी मिली है?
मुख्य रूप से दक्षिण दिल्ली, द्वारका और पूर्वी दिल्ली के स्कूलों को धमकी भरे कॉल और ईमेल मिले हैं।
Q2. क्या कल दिल्ली के स्कूल बंद रहेंगे?
फिलहाल सरकार या शिक्षा निदेशालय की ओर से स्कूल बंद करने का कोई आदेश नहीं आया है। अधिकांश स्कूलों में कल कक्षाएं सामान्य रूप से चलेंगी।
Q3. अगर मुझे किसी संदिग्ध वस्तु की सूचना मिले तो क्या करें?
तुरंत स्कूल प्रशासन को सूचित करें और दिल्ली पुलिस के हेल्पलाइन नंबर 112 पर कॉल करें। उसे खुद छूने की कोशिश न करें।
ताजा अपडेट्स के लिए आप Delhi Police Official Twitter Handle या दिल्ली शिक्षा विभाग की वेबसाइट चेक कर सकते हैं।







