ट्रंप की नई ‘ट्रेड वॉर’: $4.6 बिलियन के गोर्डी होवे ब्रिज पर डोनल्ड ट्रंप ने लगाया अड़ंगा; कनाडा से मांगी ‘हर्जाने’ में हिस्सेदारी

डोनल्ड ट्रंप कनाडा ब्रिज विवाद

वॉशिंगटन/ओटावा | 10 फरवरी 2026: अमेरिका के राष्ट्रपति डोनल्ड ट्रंप ने एक बार फिर अपने “अमेरिका फर्स्ट” (America First) एजेंडे को हवा देते हुए पड़ोसी देश कनाडा के साथ तनाव बढ़ा दिया है। ट्रंप ने सोमवार देर रात सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘ट्रुथ सोशल’ पर घोषणा की कि वह गोर्डी होवे इंटरनेशनल ब्रिज को तब तक नहीं खुलने देंगे, जब तक कनाडा अमेरिका को “उचित सम्मान और मुआवजा” नहीं देता।

1. क्या है गोर्डी होवे इंटरनेशनल ब्रिज विवाद?

डेट्रॉयट (मिशिगन) और विंडसर (ओंटारियो) को जोड़ने वाला यह पुल उत्तरी अमेरिका का सबसे व्यस्त व्यापारिक गलियारा बनने वाला है।

  • पूरी तरह कनाडा द्वारा वित्त पोषित: इस पुल की पूरी लागत (लगभग $4.6 बिलियन) कनाडा सरकार ने उठाई है। अमेरिका ने इसके निर्माण में कोई सीधा वित्तीय योगदान नहीं दिया है।
  • ट्रंप की मांग: ट्रंप का तर्क है कि इस पुल के निर्माण में अमेरिकी सामग्री (स्टील और श्रम) का पर्याप्त उपयोग नहीं हुआ। उन्होंने मांग की है कि अमेरिका को इस पुल का कम से कम 50% मालिकाना हक दिया जाए।
  • मुआवजे की बात: ट्रंप ने कहा, “मैं इस पुल को तब तक नहीं खुलने दूंगा जब तक अमेरिका को उन सभी चीजों के लिए मुआवजा नहीं मिल जाता जो हमने कनाडा को दी हैं।”

2. ट्रंप की नाराजगी की असली वजह क्या है?

ट्रंप की इस धमकी के पीछे केवल एक पुल नहीं, बल्कि कई बड़े व्यापारिक कारण हैं:

  • कनाडा-चीन ट्रेड डील: हाल ही में कनाडा के प्रधानमंत्री मार्क कार्नी ने चीन के साथ एक व्यापारिक समझौता किया है। ट्रंप इसे अमेरिका की पीठ में छुरा घोंपने जैसा देख रहे हैं।
  • स्टील और टैरिफ: ट्रंप का दावा है कि ओबामा प्रशासन ने कनाडा को ‘बाय अमेरिकन एक्ट’ (Buy American Act) से छूट दी थी, जिससे अमेरिकी उद्योगों को नुकसान हुआ।
  • USMCA का पुनर्मूल्यांकन: 2026 में अमेरिका-मेक्सिको-कनाडा समझौते (USMCA) की समीक्षा होनी है। ट्रंप इस पुल को एक ‘लीवरेज’ (दबाव के साधन) की तरह इस्तेमाल कर रहे हैं।

गोर्डी होवे ब्रिज: एक नज़र में आंकड़े

विवरणतथ्य और आंकड़े
कुल लागत$4.6 बिलियन (कनाडा द्वारा भुगतान)
लंबाई2.5 किलोमीटर (6-लेन केबल-स्टेड ब्रिज)
महत्वअमेरिका-कनाडा के बीच 25% व्यापार इसी रास्ते से होगा
ट्रंप की मांग50% मालिकाना हक और तत्काल नई वार्ता
अनुमानित बचतट्रक ड्राइवरों के लिए प्रति वर्ष 8.5 लाख घंटे की बचत

3. मिशिगन की अर्थव्यवस्था पर असर

मिशिगन की गवर्नर ग्रेचेन व्हिटमर और सीनेटर एलिसा स्लॉटकिन ने ट्रंप के इस कदम की तीखी आलोचना की है।

  • रोजगार का खतरा: इस पुल के निर्माण में दोनों देशों के यूनियन वर्कर्स ने काम किया है। इसके रुकने से ऑटोमोबाइल सेक्टर और सप्लाई चेन को भारी नुकसान हो सकता है।
  • व्यापारिक नुकसान: डेट्रॉयट अमेरिका का सबसे बड़ा कमर्शियल पोर्ट है। इस ब्रिज के ब्लॉक होने से माल ढुलाई की लागत बढ़ जाएगी, जिसका सीधा असर आम जनता की जेब पर पड़ेगा।

4. वैश्विक व्यापार और भारत पर प्रभाव

जब दुनिया की सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था (अमेरिका) अपने सबसे बड़े व्यापारिक साझेदार (कनाडा) के साथ इस तरह का व्यवहार करती है, तो इसका असर भारत जैसे देशों पर भी पड़ता है।

  • टैरिफ का डर: ट्रंप पहले ही ब्रिक्स (BRICS) देशों पर 10% से 100% तक टैरिफ लगाने की धमकी दे चुके हैं।
  • सप्लाई चेन शिफ्ट: यदि अमेरिका-कनाडा संबंध बिगड़ते हैं, तो वैश्विक कंपनियां अपनी सप्लाई चेन को फिर से व्यवस्थित कर सकती हैं, जिससे भारत के मैन्युफैक्चरिंग सेक्टर को मौका मिल सकता है।

निष्कर्ष: क्या यह सिर्फ एक ‘नेगोशिएशन टैक्टिक’ है?

विशेषज्ञों का मानना है कि डोनल्ड ट्रंप अक्सर अपनी मांगों को मनवाने के लिए इस तरह की “शॉक थेरेपी” का इस्तेमाल करते हैं। हो सकता है कि यह केवल कनाडा को चीन से दूर करने और USMCA वार्ता में ऊपरी हाथ हासिल करने की एक चाल हो। हालांकि, अगर यह पुल वास्तव में ब्लॉक होता है, तो 2026 में वैश्विक व्यापार एक बड़े संकट की ओर बढ़ सकता है।


अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न (FAQs)

Q1. क्या डोनल्ड ट्रंप कानूनी रूप से एक अंतरराष्ट्रीय पुल को रोक सकते हैं?

तकनीकी रूप से, राष्ट्रपति के पास सीमा पार परिवहन परमिट को रद्द करने या सुरक्षा कारणों का हवाला देकर पोर्ट ऑफ एंट्री (Port of Entry) को ब्लॉक करने की शक्ति होती है।

Q2. गोर्डी होवे ब्रिज का नाम किसके नाम पर रखा गया है?

यह पुल महान कनाडाई आइस हॉकी खिलाड़ी गोर्डी होवे के नाम पर रखा गया है, जिन्होंने डेट्रॉयट रेड विंग्स के लिए 25 सीजन खेले थे।

Q3. इस विवाद का समाधान क्या हो सकता है?

संभावना है कि कनाडा और अमेरिका के बीच एक नया ‘रेवेन्यू शेयरिंग’ (राजस्व साझाकरण) समझौता हो सकता है, जिससे ट्रंप की मुआवजे की मांग पूरी हो सके।