अलविदा ‘लोकतंत्र की माता’: बांग्लादेश की पूर्व प्रधानमंत्री खालिदा जिया का निधन, शोक में डूबा देश
ढाका: बांग्लादेश की पूर्व प्रधानमंत्री और बांग्लादेश नेशनलिस्ट पार्टी (BNP) की अध्यक्ष बेगम खालिदा जिया अब हमारे बीच नहीं रहीं। मंगलवार सुबह 6 बजे ढाका के एवरकेयर अस्पताल में उन्होंने अंतिम सांस ली। वह पिछले लंबे समय से लीवर सिरोसिस, हृदय रोग और फेफड़ों के संक्रमण जैसी गंभीर स्वास्थ्य समस्याओं से जूझ रही थीं।
1. एक युग का अंत
खालिदा जिया ने 1991 में बांग्लादेश की पहली महिला प्रधानमंत्री बनकर इतिहास रचा था। वह तीन बार (1991-96, 1996 और 2001-06) देश की सत्ता के शिखर पर रहीं। उनके कार्यकाल को शिक्षा क्षेत्र में सुधारों, विशेष रूप से लड़कियों के लिए मुफ्त शिक्षा और आर्थिक उदारीकरण के लिए याद किया जाता है। उनके निधन के साथ ही बांग्लादेश की राजनीति में प्रसिद्ध ‘दो बेगमों की लड़ाई’ (शेख हसीना और खालिदा जिया के बीच की प्रतिद्वंद्विता) का भी औपचारिक अंत हो गया है।
2. तीन दिन का राजकीय शोक
बांग्लादेश की अंतरिम सरकार ने पूर्व प्रधानमंत्री के सम्मान में तीन दिनों के राजकीय शोक की घोषणा की है। मुख्य सलाहकार मुहम्मद यूनुस ने उन्हें “लोकतांत्रिक आंदोलन का प्रतीक” बताते हुए कहा कि देश ने अपना एक महान संरक्षक खो दिया है। उनके जनाजे की नमाज बुधवार को नेशनल पार्लियामेंट साउथ प्लाजा में अदा की जाएगी, जिसके बाद उन्हें उनके पति और पूर्व राष्ट्रपति जियाउर रहमान की कब्र के पास राजकीय सम्मान के साथ दफन किया जाएगा।
3. वैश्विक नेताओं ने जताया शोक
खालिदा जिया के निधन पर दुनिया भर से संवेदनाओं का तांता लगा है:
- भारत: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने शोक व्यक्त करते हुए कहा कि भारत-बांग्लादेश संबंधों को मजबूत करने में उनके योगदान को हमेशा याद रखा जाएगा। भारत के विदेश मंत्री डॉ. एस. जयशंकर 31 दिसंबर को उनके अंतिम संस्कार में शामिल होने ढाका जाएंगे।
- चीन और पाकिस्तान: चीन के प्रधानमंत्री और पाकिस्तान के पीएम शहबाज शरीफ ने भी उन्हें एक दूरदर्शी नेता और अपने देशों का सच्चा दोस्त बताया।
4. राजनीतिक भविष्य पर प्रभाव
खालिदा जिया का निधन ऐसे समय में हुआ है जब उनके बड़े बेटे और BNP के कार्यकारी अध्यक्ष तारिक रहमान 17 साल के निर्वासन के बाद हाल ही में स्वदेश लौटे हैं। फरवरी 2026 में होने वाले आम चुनावों से ठीक पहले उनकी मृत्यु BNP के लिए एक बड़ी भावनात्मक और राजनीतिक क्षति है।
मुख्य तथ्य:
- जन्म: 15 अगस्त 1945 को अविभाजित भारत के जलपाईगुड़ी (वर्तमान पश्चिम बंगाल) में हुआ था।
- उपलब्धि: मुस्लिम देश की प्रधानमंत्री बनने वाली दुनिया की दूसरी महिला नेता।







