नई दिल्ली/वाशिंगटन | 15 जनवरी, 2026
पिछले कई दिनों से आसमान छू रहे सोने के भाव पर अब ब्रेक लग गया है। अंतरराष्ट्रीय बाजार में सोने की कीमतें अपने रिकॉर्ड स्तर से नीचे आ गई हैं। इस गिरावट के पीछे अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के वे बयान हैं, जिन्होंने ईरान के साथ युद्ध की आशंका और अमेरिकी केंद्रीय बैंक (फेडरल रिजर्व) को लेकर चल रही अनिश्चितता को कम कर दिया है।
बाजार का ताजा हाल: एक नजर में
मंगलवार को अंतरराष्ट्रीय बाजार में सोना अपने अब तक के सबसे ऊंचे स्तर $4,643 पर था, जो अब 0.8% गिरकर $4,588 प्रति औंस पर आ गया है। वहीं चांदी में भारी गिरावट देखी गई, जो करीब 6% फिसलकर $87.74 पर बंद हुई। भारतीय बाजार (MCX) में भी सोने-चांदी की कीमतों में नरमी देखी गई है।
क्यों आई यह गिरावट? 3 प्रमुख कारण
- ईरान के साथ तनाव कम होना: पिछले कुछ दिनों से ईरान में चल रहे विरोध प्रदर्शनों और अमेरिका की सैन्य कार्रवाई के डर से निवेशक घबराए हुए थे। लेकिन ट्रंप ने साफ किया कि फिलहाल उनकी ऐसी कोई योजना नहीं है। इससे बाजार का तनाव कम हुआ।
- फेडरल रिजर्व पर स्पष्टता: बाजार में चर्चा थी कि ट्रंप फेडरल रिजर्व के प्रमुख जेरोम पॉवेल को हटा सकते हैं। ट्रंप ने अब इन खबरों को खारिज कर दिया है, जिससे निवेशकों का भरोसा बढ़ा है। जब अर्थव्यवस्था में स्थिरता दिखती है, तो लोग सोने से पैसा निकालकर अन्य जगहों पर निवेश करने लगते हैं।
- मुनाफावसूली (Profit Booking): सोने के दाम इतने ज्यादा बढ़ गए थे कि निवेशकों ने ऊंचे भाव पर अपना सोना बेचकर मुनाफा कमाना शुरू कर दिया। जब ज्यादा लोग बेचने लगते हैं, तो कीमतें स्वाभाविक रूप से गिरती हैं।
क्या सोना और सस्ता होगा?
बाजार के जानकारों का मानना है कि यह गिरावट “तूफान के बाद की शांति” जैसी है। विशेषज्ञों के अनुसार, भले ही अभी कीमतें कम हुई हैं, लेकिन दुनिया भर में जारी आर्थिक अनिश्चितता के कारण सोने के दाम फिर से बढ़ सकते हैं। इसलिए, इसे लंबी अवधि के लिए एक अच्छा निवेश माना जा रहा है।
| विवरण | सोने का विवरण (Gold) | चांदी का विवरण (Silver) |
| ताजा भाव (Spot Price) | $4,588 प्रति औंस | $87.74 प्रति औंस |
| रिकॉर्ड स्तर (High) | $4,643 (पिछला सत्र) | – |
| गिरावट का प्रतिशत | 0.8% की कमी | ~6% की भारी गिरावट |
| बाजार का रुख | हल्का सुधार (Correction) | तेज गिरावट |







