ईरान संकट: चीन ने शांति का पक्ष लिया, कहा— “धमकी नहीं, बातचीत से निकलेगा हल”

China Iran Foreign Ministers Phone Call

बीजिंग/तेहरान: ईरान में हफ्तों से जारी अशांति और विरोध प्रदर्शनों के बीच अब चीन ने भी अपनी प्रतिक्रिया दी है। चीन के विदेश मंत्री वांग यी ने ईरान के विदेश मंत्री अब्बास अराघची से फोन पर चर्चा की और तनाव को कम करने की अपील की। इस बातचीत का मुख्य उद्देश्य क्षेत्र में बिगड़ते हालातों को संभालना और कूटनीतिक रास्तों को बढ़ावा देना था।

शांति और स्थिरता पर जोर

वांग यी ने बातचीत के दौरान स्पष्ट किया कि चीन किसी भी देश में बल प्रयोग या बाहरी दबाव का विरोध करता है। उन्होंने कहा कि ईरान को अपनी समस्याओं को सुलझाने के लिए पर्याप्त मौका मिलना चाहिए। चीन का मानना है कि केवल “संयम और संवाद” ही एक ऐसा रास्ता है जिससे अंतरराष्ट्रीय शांति बनी रह सकती है। उन्होंने उम्मीद जताई कि ईरान जल्द ही अपनी आंतरिक चुनौतियों पर काबू पा लेगा।

ईरान की वैश्विक अपील

जवाब में, ईरान के विदेश मंत्री अराघची ने चीन को वर्तमान स्थिति की जानकारी दी। उन्होंने भरोसा दिलाया कि सरकार हालात सुधारने की कोशिश कर रही है। साथ ही, उन्होंने चीन से अनुरोध किया कि वह वैश्विक स्तर पर शांति स्थापित करने के लिए एक बड़ी भूमिका निभाए।

संकट के प्रमुख बिंदु:

यह महत्वपूर्ण कूटनीतिक चर्चा तब हो रही है जब स्थितियां काफी नाजुक हैं:

  • मानवीय चिंता: खबरों के मुताबिक, प्रदर्शनों के कारण भारी संख्या में लोग हताहत हुए हैं।
  • अंतरराष्ट्रीय दबाव: अमेरिका की ओर से कड़े प्रतिबंधों और सैन्य कार्रवाई की चेतावनियों ने तनाव को और बढ़ा दिया है।
  • यातायात पर असर: हवाई क्षेत्र में असुरक्षा के कारण कई अंतरराष्ट्रीय विमान सेवाओं को रद्द या डाइवर्ट करना पड़ा है।

चीन की नीति: “कोई बाहरी हस्तक्षेप नहीं”

चीन ने एक बार फिर दोहराया है कि वह किसी भी देश के घरेलू मामलों में दूसरे देशों के दखल के खिलाफ है। बीजिंग का स्टैंड साफ है कि ईरान की स्थिरता न केवल उस देश के लिए, बल्कि पूरे मध्य पूर्व की सुरक्षा के लिए जरूरी है।