कोलकाता में भूकंप के तेज झटके: बांग्लादेश था केंद्र; दहशत में सड़कों पर निकले लोग, जानें क्या है बड़ा अपडेट

Kolkata Earthquake

कोलकाता/नई दिल्ली: पश्चिम बंगाल की राजधानी कोलकाता और आसपास के इलाकों में आज दोपहर उस वक्त अफरा-तफरी मच गई, जब धरती अचानक हिलने लगी। दोपहर लगभग 3:45 बजे (IST) आए भूकंप के तेज झटकों ने लोगों को दहशत में डाल दिया। रिक्टर स्केल पर इसकी तीव्रता 4.9 मापी गई है। प्रारंभिक रिपोर्टों के अनुसार, इस भूकंप का मुख्य केंद्र पड़ोसी देश बांग्लादेश में था, जहाँ तीव्रता 5.5 दर्ज की गई है।

कोलकाता में दहशत का माहौल: स्कूल और दफ्तर खाली

जैसे ही भूकंप के झटके महसूस हुए, कोलकाता के ‘राइटर्स बिल्डिंग’, ‘साल्ट लेक’ के आईटी हब और ‘पार्क स्ट्रीट’ की बहुमंजिला इमारतों से लोग तेजी से बाहर निकल आए।

  • स्कूलों की छुट्टी: कई निजी और सरकारी स्कूलों ने एहतियात के तौर पर तुरंत छुट्टी कर दी और बच्चों को सुरक्षित मैदानों में इकट्ठा किया गया।
  • मेट्रो सेवा पर असर: भूकंप के तुरंत बाद एहतियात के तौर पर कोलकाता मेट्रो सेवा को कुछ मिनटों के लिए रोका गया ताकि पटरियों और सुरंगों की जांच की जा सके।
  • इमारतों में दरारें: शहर के कुछ पुराने इलाकों, जैसे कि उत्तरी कोलकाता से पुरानी इमारतों में मामूली दरारें आने की खबरें मिली हैं, हालांकि अभी तक किसी बड़े जान-माल के नुकसान की आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है।

बांग्लादेश में था केंद्र: वैज्ञानिक विश्लेषण

नेशनल सेंटर फॉर सीस्मोलॉजी (NCS) के अनुसार, भूकंप का केंद्र बांग्लादेश के सिलहट क्षेत्र के पास गहराई में स्थित था।

  • दूरी: यह केंद्र कोलकाता से लगभग 350-400 किलोमीटर दूर था, लेकिन इसकी गहराई कम होने के कारण झटके पश्चिम बंगाल के उत्तर 24 परगना, दक्षिण 24 परगना, नदिया और मुर्शिदाबाद जिलों में भी काफी तेज महसूस किए गए।
  • आफ्टरशॉक की चेतावनी: विशेषज्ञों ने अगले 24 से 48 घंटों में हल्के ‘आफ्टरशॉक’ आने की संभावना जताई है, जिससे लोगों को सतर्क रहने की सलाह दी गई है।

पश्चिम बंगाल के किन जिलों में दिखा असर?

केवल कोलकाता ही नहीं, बल्कि राज्य के अन्य हिस्सों में भी धरती कांपी:

  1. हावड़ा और हुगली: यहाँ बहुमंजिला इमारतों में रहने वाले लोगों ने झूमरों और पंखों को हिलते हुए देखा।
  2. सिलीगुड़ी और उत्तर बंगाल: राज्य के उत्तरी हिस्सों में भी हल्के झटके महसूस किए गए।
  3. मुर्शिदाबाद: बांग्लादेश सीमा के करीब होने के कारण यहाँ झटकों की तीव्रता काफी अधिक थी।

भूकंप आने पर क्या करें और क्या न करें? (Safety Tips)

चूंकि कोलकाता और बंगाल का एक बड़ा हिस्सा ‘सीस्मिक ज़ोन’ (भूकंपीय क्षेत्र) में आता है, इसलिए सुरक्षा नियमों का पालन करना अनिवार्य है:

  • घर के अंदर हैं तो: ‘ड्रॉप, कवर और होल्ड ऑन’ (Drop, Cover, Hold on) का पालन करें। किसी मजबूत मेज के नीचे छिप जाएं।
  • लिफ्ट का प्रयोग न करें: भूकंप के दौरान या तुरंत बाद लिफ्ट का इस्तेमाल करना जानलेवा हो सकता है। हमेशा सीढ़ियों का उपयोग करें।
  • बाहर निकलें: यदि संभव हो, तो तुरंत किसी खुले मैदान में चले जाएं। बिजली के खंभों और ऊंचे पेड़ों से दूर रहें।
  • वाहनों को रोकें: यदि आप गाड़ी चला रहे हैं, तो उसे किसी सुरक्षित और खुली जगह पर खड़ा कर दें।

एक्सपर्ट की राय: क्यों संवेदनशील है कोलकाता?

भू-वैज्ञानिकों का मानना है कि कोलकाता ‘गंगा-ब्रह्मपुत्र बेसिन’ की नरम मिट्टी पर बसा है, जो भूकंप की तरंगों को बढ़ाने का काम करती है। इसके अलावा, हिमालयी बेल्ट के करीब होना और बंगाल बेसिन की फॉल्ट लाइन्स इस क्षेत्र को भूकंप के प्रति अधिक संवेदनशील बनाती हैं।


अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न (FAQ)

1. आज कोलकाता में आए भूकंप की तीव्रता कितनी थी?

कोलकाता में झटकों की तीव्रता रिक्टर स्केल पर 4.9 मापी गई, जबकि इसके केंद्र (बांग्लादेश) में तीव्रता 5.5 थी।

2. क्या कोलकाता में भूकंप से कोई नुकसान हुआ है?

अभी तक किसी बड़े जान-माल के नुकसान की खबर नहीं है, लेकिन कुछ पुरानी इमारतों में मामूली दरारें देखी गई हैं।

3. क्या आने वाले समय में और झटके आ सकते हैं?

हाँ, मुख्य भूकंप के बाद छोटे ‘आफ्टरशॉक’ आना सामान्य है। प्रशासन ने लोगों को शांत और सतर्क रहने की अपील की है।