कोलकाता | 29 जनवरी 2026: पश्चिम बंगाल की राजधानी कोलकाता एक बार फिर ‘मौत के तांडव’ की गवाह बनी है। 26 जनवरी की तड़के करीब 3 बजे, जब पूरा देश गणतंत्र दिवस की तैयारियों में व्यस्त था, आनंदपुर के नजीराबाद इलाके में स्थित पुष्पांजलि डेकोरेटर्स और वाओ! मोमो (Wow! Momo) के गोदामों में आग लग गई। इस हादसे में अब तक 21 मजदूरों की मौत की पुष्टि हो चुकी है, जबकि 20 से अधिक लोग अब भी लापता बताए जा रहे हैं।
हादसे की भयावहता: ‘बाहर से बंद था गेट’
चश्मदीदों और पीड़ित परिवारों के अनुसार, यह कोई साधारण दुर्घटना नहीं बल्कि लापरवाही का नतीजा है। आरोप है कि चोरी के डर से गोदाम का मुख्य गेट बाहर से बंद कर दिया गया था।
- पंकज हलदार, एक मजदूर जिसने मरने से पहले अपनी पत्नी को फोन किया, उसने बताया कि वे अंदर फंसे हुए हैं और गेट बंद है।
- DNA टेस्ट की जरूरत: शव इतनी बुरी तरह जल चुके हैं कि उनकी पहचान संभव नहीं है; प्रशासन अब DNA टेस्ट का सहारा ले रहा है।
जांच के घेरे में ‘Wow! Momo’: क्या हुआ था उस रात?
मशहूर फूड चेन ‘Wow! Momo’ इस समय जनता और प्रशासन के निशाने पर है। कंपनी का एक 12,000 वर्ग फुट का गोदाम इसी परिसर में था।
कंपनी का आधिकारिक स्पष्टीकरण (Official Statement)
बढ़ते दबाव के बीच, Wow! Momo ने एक आधिकारिक बयान जारी किया है:
- आग का स्रोत: कंपनी का दावा है कि आग उनके गोदाम से नहीं, बल्कि बगल के डेकोरेटर गोदाम से शुरू हुई थी, जहाँ अवैध रूप से खाना पकाया जा रहा था।
- कर्मचारियों की मौत: कंपनी ने पुष्टि की कि उनके 2 कर्मचारी और 1 सुरक्षा गार्ड (आउटसोर्स) की इस हादसे में मौत हुई है।
- सुरक्षा मानक: कंपनी ने दावा किया कि उनके पास 28 अग्निशामक यंत्र (Fire Extinguishers) मौजूद थे, लेकिन आग इतनी भीषण थी कि कुछ नहीं किया जा सका।
“हमारा दिल दुख और पीड़ा से भरा है। हम अपने कर्मचारियों के परिवारों के साथ खड़े हैं और उन्हें हर संभव सहायता प्रदान करेंगे।” – Wow! Momo आधिकारिक बयान
सुरक्षा मानकों की धज्जियां: 5 बड़े खुलासे
| मुख्य बिंदु | विवरण | स्थिति |
| फायर क्लियरेंस | दमकल विभाग के अनुसार, गोदामों के पास अनिवार्य ‘फायर सेफ्टी क्लियरेंस’ नहीं था। | गंभीर लापरवाही |
| इमरजेंसी एग्जिट | इमारतों में आपातकालीन निकास (Emergency Exit) की कोई व्यवस्था नहीं थी। | अनुपस्थित |
| अवैध निर्माण | आरोप है कि ये गोदाम भरे हुए वेटलैंड्स (Wetlands) पर अवैध रूप से बनाए गए थे। | जांच जारी |
| लेबर लॉ का उल्लंघन | रात में गोदाम के भीतर मजदूरों का सोना गैर-कानूनी है। | नियम विरुद्ध |
| मदद में देरी | चश्मदीदों का आरोप है कि दमकल विभाग को सूचना देने के बाद भी रेस्पॉन्स में देरी हुई। | विवादास्पद |
प्रशासनिक कार्रवाई और मुआवजा
हादसे के बाद पश्चिम बंगाल सरकार और स्थानीय प्रशासन ने सख्त रुख अपनाया है:
- गिरफ्तारी: गोदाम के मालिक गंगाधर दास को पुलिस ने लापरवाही के आरोप में गिरफ्तार कर लिया है।
- सरकारी मुआवजा: मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने मृतकों के परिजनों को 10-10 लाख रुपये और परिवार के एक सदस्य को सिविक वॉलंटियर की नौकरी देने की घोषणा की है।
- Wow! Momo का पैकेज: कंपनी ने भी प्रभावित परिवारों को ₹10 लाख की एकमुश्त राशि, आजीवन मासिक वेतन और बच्चों की शिक्षा का खर्च उठाने का वादा किया है।
निष्कर्ष: मुनाफे की दौड़ में इंसानी जान सस्ती?
कोलकाता का यह अग्निकांड हमें याद दिलाता है कि जब कॉर्पोरेट जगत और स्थानीय निकाय सुरक्षा नियमों को ताक पर रखते हैं, तो उसकी कीमत गरीब मजदूरों को अपनी जान देकर चुकानी पड़ती है। ‘Wow! Momo’ जैसी बड़ी कंपनी को यह सुनिश्चित करना चाहिए था कि उनके वेंडर और गोदाम मालिक सभी नियमों का पालन कर रहे हैं या नहीं।
अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न (FAQs)
Q1. कोलकाता आनंदपुर आग हादसे में कितने लोग मारे गए?
अब तक 21 शव बरामद किए जा चुके हैं, लेकिन मलबे में और लोगों के दबे होने की आशंका है।
Q2. क्या Wow! Momo पर कोई कानूनी कार्रवाई हुई है?
पुलिस ने कंपनी के खिलाफ भी केस दर्ज किया है, हालांकि अभी तक कंपनी के किसी अधिकारी की गिरफ्तारी नहीं हुई है। मुख्य आरोपी गोदाम मालिक जेल में है।
Q3. आग लगने का मुख्य कारण क्या था?
शुरुआती जांच में बगल के डेकोरेटर गोदाम में ‘अवैध खाना पकाने’ (Unauthorized Cooking) को आग का कारण माना जा रहा है।







