नई दिल्ली | 26 जनवरी 2026: भारतीय अर्थव्यवस्था के लिए 1 फरवरी 2026 का दिन निर्णायक होने वाला है। वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण एक ऐसे समय में देश का आम बजट पेश करने जा रही हैं, जब वैश्विक व्यापार में अनिश्चितता का माहौल है। विशेष रूप से, अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप द्वारा भारतीय सामानों पर लगाए गए 50% टैरिफ ने भारतीय निर्यातकों (Exporters) की कमर तोड़ दी है।
अब सबकी निगाहें बजट के उन पिटारों पर हैं, जो ‘मेक इन इंडिया’ को वैश्विक मंच पर सुरक्षित रख सकें।
1. निर्यातकों के लिए ‘विशेष राहत पैकेज’ की मांग
अमेरिका भारत का सबसे बड़ा व्यापारिक साझेदार है। 50% टैरिफ लगने के बाद भारतीय टेक्सटाइल, जेम्स एंड ज्वेलरी और इंजीनियरिंग सामान अमेरिकी बाजार में महंगे हो गए हैं। निर्यातकों को उम्मीद है कि सरकार RoDTEP (निर्यात उत्पादों पर शुल्क और करों की छूट) योजना के तहत रिफंड की दरों में वृद्धि करेगी ताकि उनकी लागत कम हो सके।
2. सीमा शुल्क (Customs Duty) में बड़ी कटौती की संभावना
विशेषज्ञों का मानना है कि निर्यात को प्रतिस्पर्धी बनाने के लिए सरकार कच्चे माल के आयात पर लगने वाली Customs Duty को कम कर सकती है।
“अगर इनपुट कॉस्ट कम होगी, तभी भारतीय निर्यातक अमेरिकी टैरिफ के बावजूद वैश्विक बाजार में टिक पाएंगे।” – व्यापार विशेषज्ञ
MSME सेक्टर के लिए बजट में क्या होगा खास?
भारत का निर्यात काफी हद तक MSMEs (सूक्ष्म, लघु और मध्यम उद्यम) पर निर्भर है। इस बजट में उनके लिए निम्नलिखित घोषणाएं संभव हैं:
- सस्ता वर्किंग कैपिटल लोन: ब्याज दर में छूट (Interest Subvention) योजना को विस्तार मिल सकता है।
- डिजिटल मार्केटिंग ग्रांट: छोटे निर्यातकों को अंतरराष्ट्रीय ई-कॉमर्स प्लेटफॉर्म पर लिस्टिंग के लिए सब्सिडी दी जा सकती है।
- 90% GST रिफंड: इंजीनियरिंग एक्सपोर्ट प्रमोशन काउंसिल (EEPC) ने मांग की है कि निर्यातकों का 90% GST रिफंड आवेदन के 24 घंटे के भीतर जारी किया जाए।
बजट 2026: इन 5 सेक्टर्स पर रहेगी खास नजर
| सेक्टर | प्रमुख मांग/उम्मीद | संभावित प्रभाव |
| टेक्सटाइल (Textiles) | पीएलआई (PLI 2.0) का विस्तार | रोजगार में वृद्धि और चीन को टक्कर |
| इलेक्ट्रॉनिक्स | कंपोनेंट्स पर आयात शुल्क में कमी | ‘मेक इन इंडिया’ आईफोन और गैजेट्स सस्ते होंगे |
| कृषि निर्यात | लॉजिस्टिक्स सब्सिडी | चावल और मसालों का निर्यात बढ़ेगा |
| फार्मा (Pharma) | रिसर्च एंड डेवलपमेंट (R&D) पर टैक्स छूट | वैश्विक दवा बाजार में धाक |
| ग्रीन एनर्जी | सोलर पैनल निर्यात पर प्रोत्साहन | वैश्विक ग्रीन डील में हिस्सेदारी |
क्या रविवार (1 फरवरी) को खुलेगा शेयर बाजार?
चूंकि 1 फरवरी को रविवार है, फिर भी बजट इसी दिन पेश होगा। ऐतिहासिक परंपराओं को तोड़ते हुए, सेबी (SEBI) और स्टॉक एक्सचेंज (NSE/BSE) इस रविवार को विशेष ट्रेडिंग सत्र रख सकते हैं ताकि निवेशक बजट की घोषणाओं पर तुरंत प्रतिक्रिया दे सकें।
निष्कर्ष: कूटनीतिक और आर्थिक संतुलन का बजट
बजट 2026 केवल आंकड़ों का खेल नहीं होगा, बल्कि यह ट्रंप सरकार को एक कूटनीतिक संदेश भी होगा। यदि भारत अपने घरेलू निर्यातकों को मजबूत वित्तीय सुरक्षा कवच (Financial Shield) प्रदान करता है, तो अमेरिकी टैरिफ का असर न्यूनतम हो जाएगा।
अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न (FAQs)
Q1. बजट 2026 कब और कितने बजे पेश होगा?
वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण 1 फरवरी 2026 को सुबह 11:00 बजे लोकसभा में बजट पेश करेंगी।
Q2. ट्रंप के 50% टैरिफ से भारत कैसे बचेगा?
सरकार निर्यातकों को सब्सिडी, टैक्स रिफंड में बढ़ोतरी और नए वैकल्पिक बाजारों (जैसे यूरोप और यूएई) के लिए प्रोत्साहन देकर इस प्रभाव को कम कर सकती है।
Q3. क्या इस बजट में इनकम टैक्स स्लैब में बदलाव होगा?
मध्यम वर्ग को राहत देने के लिए स्टैंडर्ड डिडक्शन में बढ़ोतरी और नई टैक्स व्यवस्था (New Tax Regime) के स्लैब में सुधार की प्रबल संभावना है।







